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30 दिन के भीतर नहीं दिया जवाब तो आवेदक शुरू कर देगे निर्माण

30 दिन के भीतर नहीं दिया जवाब तो आवेदक शुरू कर देगे निर्माण

 

चेन्नई: बिल्डिंग प्लान के लिए मंजूरी मिलने में हो रही देरी की वजह से राज्य में बिल्डरों को भारी नुकसान हुआ है और इसी के चलते तमिलनाडु सरकार ने ये घोषणा की कि  यदि 30 दिनों के भीतर अधिकारियों से कोई जवाब नहीं दिया तो इसे निर्माण के लिए मंजूरी समझी जाएगी और नियमों के अनुसार आवेदक निर्माण शुरू कर सकेगे हैं। साथ ही, स्थानीय निकाय अपने अधिकार क्षेत्र में जमीन-प्लस-एक-मंजिल या स्टिल्ट-प्लस-दो मंजिलों के लिए योजना अनुमति दे सकेगे |

नगरपालिका प्रशासन मंत्री एसपी वेलुमनी ने बुधवार को विधानसभा में कहा, “भूमि मालिकों और बिल्डरों उनके निर्माण को शुरू कर सकते हैं क्योंकि उनके आवेदनों को मंजूरी दे दी गई है।” इस बात पर ध्यान देते हुए कि मुख्यमंत्री ने नियोजन और निर्माण अनुमोदन को कम करने की प्रक्रिया की समीक्षा की |

यह अवधि के दौरान होने वाले खर्चों की अनावश्यक कमी को भी प्रतिबिंबित करेगा, उन्होंने कहा। एस कानागसुंदरम, एसोसिएशन ऑफ़ लायसेंस बिल्डिंग सर्वेयर, कोयम्बटूर के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि कोयम्बटूर निगम के आवेदकों को योजना अनुमति प्राप्त करने के लिए तीन महीने इंतजार करना पड़ा |

घोषणा में ये भी खा गया है कि स्थानीय निकायों में इमारतों के निर्माण के लिए योजना की अनुमति के लिए आवेदन करने के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन के माध्यम से पंजीकृत होना चाहिए |

 

रेरा पंजीकरण नहीं तो विज्ञापन नहीं

रेरा पंजीकरण नहीं तो विज्ञापन नहीं

भोपाल: रियल एस्टेट डेवलपरों द्वारा गुमराह करने वाले विज्ञापनों को रोकने और रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने मद्द्य प्रदेश के रीयलटेर्स के लिए पंजीकरण संख्या का मूल्यांकन करना अनिवार्य कर दिया है |

1 मई से अस्तित्व में आने वाले प्राधिकरण में मीडिया हाउस के सलाहकार में यह सलाह दी गई है कि जो विज्ञापन बिना पंजीकरण के उसपर रोक लगा दी जाये |

रेरा के तहत प्रत्येक प्रोजेक्ट और रीयल एस्टेट एजेंट के लिए 1 मई से 3 महीनों में प्राधिकरण के साथ पंजीकरण करना अनिवार्य है |

रेरा के चेयरमैन एमपी एंथनी डीए ने कहा की ने “31 जुलाई की समय सीमा के बाद प्राधिकरण के साथ पंजीकृत कोई भी परियोजना अवैध रूप में नहीं मानी जाएगी।

चार रियल एस्टेट परियोजनाएं और 11 रियल एस्टेट एजेंटों ने प्राधिकरण के साथ पंजीकरण के लिए आवेदन किया है | संपत्ति के खरीदारों ने प्राधिकरण की वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करना शुरू कर दिया है। भोपाल से बहुसंख्यक मध्यप्रदेश से अब तक 70 शिकायतें मिली हैं। उनमें से, 50 शिकायतों में नोटिस जारी किए गए हैं जबकि बाकी की जांच की जा रही है |

प्राप्त कुल शिकायतों में से अधिकांश के पास कब्जे में देरी है और केवल 10% खराब गुणवत्ता वाले निर्माण के बारे में हैं जिक्से लिए रियलटर्स को संपत्ति के खरीदारों की भरपाई करने के निर्देश दिए गए हैं |

केंद्र सरकार द्वारा अधिनियमित किए जाने के बाद राज्य ने रेरा के तहत पंजीकरण शुल्क कम कर दिया है। आवासीय और वाणिज्यिक परियोजनाओं के लिए क्रमशः 20 रुपये और 50 रुपये प्रति वर्ग मीटर से, यह अब 10 रुपये प्रति वर्ग मीटर और 20 रुपये प्रति वर्ग मीटर है।

शिकायतकर्ता को प्राधिकरण को मामूली शुल्क का भुगतान करना होगा। रेरा के पास जाने के लिए तैयार लोग अपनी वेबसाइट के माध्यम से ऐसा कर सकते हैं, जो अंग्रेजी और हिंदी में है। रेरा के तहत, वाणिज्यिक और आवासीय परियोजनाओं का विवरण ऑनलाइन होगा। एक डेवलपर को परियोजना के सभी प्रोजेक्ट क्लियरेंस विवरणों और अद्यतन को सूचीबद्ध करना होगा, जिसमें हर तीन महीने में एक बार बेची और बेची इकाइयों की सटीक संख्या शामिल है।

रेरा परियोजनाओं के मूल्य निर्धारण को नियंत्रित नहीं करेगा, लेकिन यह सुचारू और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करेगा, अधिकारियों ने कहा। यह सरकार और निजी सहित सभी लाभार्थियों से जुड़े सभी रियल एस्टेट परियोजनाओं के लिए लागू है।

दुबई के रियल एस्टेट सेक्टर के टॉप निवेशक हैं भारतीय

दुबई के रियल एस्टेट सेक्टर के टॉप निवेशक हैं भारतीय

दुबईः दुबई के रियल्टी बाजार में भारतीय सबसे बड़े इन्वैस्टर्स के रूप में उभरे हैं। दुबई लैंड डिपार्टमैंट के मुताबिक पिछले साल भारतीयों ने यहां 3.2 अरब डॉलर इन्वैस्ट किए हैं। पिछले साल कुल रियल एस्टेट निवेश 91 अरब दिरहम (2.4 अरब डॉलर) पर पहुंच गया। यह निवेश 55,928 निवेशकों द्वारा किया गया और विदेशी निवेशकों में मात्रा तथा मूल्य दोनों के हिसाब से भारतीय सबसे आगे रहे। 6,263 भारतीय इन्वैस्टर्स ने यहां 12 अरब दिरहम (3.2 अरब डॉलर) का निवेश किया।

भारतीयों से और अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए दुबई……आगे पढ़ें

घर खरीदना हुआ अब और आसान, प्रधान मंत्री आवास योजन के तहत मिलेगी होम लोन पर सब्सिडी

घर खरीदना हुआ अब और आसान, प्रधान मंत्री आवास योजन के तहत मिलेगी होम लोन पर सब्सिडी

नई दिल्ली: प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत अब केवल गरीबो को ही नहीं बल्कि मध्यम वर्ग के लोगो को भी होम लोन पर सरकार सब्सिडी देगी ।

यह स्कीम पहली बार घर खरीदने वाले लोगो पर लागु होगी और इसके तहत लोगो को 3 से 4 प्रतिशत तक प्रति वर्ष ब्याज पर छुट मिलेगी | सरकार के इस कदम से उन लोगो को भी फायदा होगा जिन्होंने इस साल एक जनवरी के बाद मकान ख़रीदा है |

12 लाख रूपये तक की सालाना आय वाले वर्ग को 9 लाख की लोन राशी पर ब्याज मे 4 प्रतिशत की छुट मिलेगी….continue read

Home buyers protest for delayed flats against Universal Aura in Gurugram.

Home buyers protest for delayed flats against Universal Aura in Gurugram.

Home buyers of universal buildwell’s aura project on Tuesday protested against the builder for delay in giving possession of flats. The project was launched in 2010 with approx 600 units in 11 towers and builder promised to deliver the flats till 2014 but failed to do so.

Around 50 people gathered at the DTCP office in sector 14 Gurugram with lots of banners and shouting slogans against the universal buildwell private limited, protestors claimed that they have already paid around 80% of payment to the builder but they didn’t get possession till yet.

The Universal Aura project was launched in 2010. Spread over 11 acres, it is likely to have 596 units across 11 towers, each costing between Rs 53 lakh and Rs 1 crore.  The developer had promised to complete it by 2014. But till date, only 50% of the work has been completed.

home-buyers-proactive-protest-on-project-delays_rakesh

Buyers alleged work at the site had stopped around two years ago, and the developer had stopped responding to queries.  With no progress at the site, we’re unsure when we’ll get possession,” said Dhiraj Kumar, a homebuyer

Buyer’s association general secretary Naveen Arora said: “Licence for the project expired in June 2015, and was not renewed, which is a must to restart construction.”

Pooja Sharma, legal head of Universal Buildwell, refuted the allegations, holding the buyers responsible for the delay instead. “Buyers formed an association to put unnecessary pressure on the developer, and even filed a complaint with the national consumer forum, which caused delay,” she said. “We’re ready to pay the delay penalty (at Rs 15/sq ft per month) at the time of handing over possession.”

Source : ET Realty

आम्रपाली के विरुद्ध रियल्टी मीडिया की मुहिम – Realty Media

आम्रपाली के विरुद्ध रियल्टी मीडिया की मुहिम – Realty Media

amrapali.jpgनई दिल्ली: भारत की राजधानी दिल्ली से सटे इलाके ग्रेटर नॉएडा मे कई रिहाइशी प्रोजेक्ट्स के नाम पर धोका धडी करने वाली कंपनी Amrapali का कर्ताधर्ता अनिल शर्मा इन् दिनो media से नजरे चुरा रहा है |

लोगो में बढ़ता गुस्सा इस बात का सबूत है की Amrapali लोगो से किये गए वादे पूरे करने में असमर्थ है और कई हज़ार करोड़ के घोटाले को अंजाम दे चूका है | लगभग 17 से भी ज्यादा Amrapali की आवासीय योजनाएं तकरीबन 7 साल से भी ज्यादा समय से पूर्ण रूप से बंद पड़ी है और दिन-ब-दिन लोग अपना घर पाने की उम्मीद खोते जा रहे है |

प्रशासन द्वारा की जा रही इस अनदेखी को सरकार पर पूंजीपतियों  का दबाव समझा जाये या फिर उनकी लापरवाही क्योकि अनिल शर्मा पर अब तक की गई कार्यवाहियों का कोई असर दिख नहीं रहा है और जनता इस बात से भी अनजान है की अनिल शर्मा इस समय भारत में है या फिर विजय माल्या और ललित मोदी की तरह देश से फरार हो चूका है |

रियल्टी मीडिया की Amrapali ग्रुप के खिलाफ की गई इस पहल और बुलंद आवाज़ से आज कल चुनावी माहोल में नेताओं को नया मुदा मिल गया है सपा के मंत्री रविदास मेहरोत्रा अपने एक बयान में अनिल शर्मा क देश से फरार होने का कयास लगा चुके है | पर कई हज़ार करोड़ का ये घोटाला सिर्फ एक चुनावी मुदा बनकर ना रह जाये इसके लिए रियल्टी मीडिया अपनी मुहीम पर अटल रहेगा |

अब देखना यह है की क्या सरकार अनिल शर्मा और Amrapali ग्रुप पर जल्द कोई ठोस करवाई करेगी या फिर इससे भी फरार होने का पूरा वक़्त दिया जायेगा।

 

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Gurgaon builders finds difficulties in getting project license renewal due to several buyer complaints.

Gurgaon builders finds difficulties in getting project license renewal due to several buyer complaints.

Screenshot - 2_6_2017 , 11_53_34 AM.pngDTCP Department of town and country planning has issued new guidelines for builder in Gurgaon which are favorable to buyers. As per the guidelines; the new norms for renewing license of a real estate project along with the application of renewal by the developer will be much tougher, depending on the numbers of complaint against that builder.

The developer needs to submit a few details before the Allottee Grievance Redressal Forum (AGRF) like project development stage with photographs and need to specify details of project like numbers of labour working, project status: in progress, held-up, near completion etc.

Once the developer submits all the documents along with application DTCP will call concern field officer for a report about the builder before accepting or rejecting the plea.

Assistant town planner (ATP) R S Batth, who has played a crucial role in resolution of buyers’ issues through AGRF, said, “The field report will provide a clear picture about the project at the time of license renewal.”

Home Buyers welcomed this step by DTCP and hoping to have a more transparent system and timely delivery of projects by developers.

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